विदिशा में निकली भगवान जगन्नाथ की अभूतपूर्व यात्रा |

सरकार ने नहीं दी इजाजत ,जनसमुदाय देखकर सिटी -बिट्टी भूला प्रशासनिक अमला



भोपाल कार से जाने में लगभग 3 घंटे लगते हैं वहां से विदिशा लगभग 1 घंटे का रास्ता तथा पास में मानोरा गांव लगभग 20 किलोमीटर का रास्ता यहां मानोरा गांव में ब्राह्मण समुदाय ज्यादा है | यहां भगवान जगन्नाथ का मंदिर विशाल है पिछले दिनों जगन्नाथ रथ यात्रा के दिन आयोजकों ने अपने एडीएम , तहसीलदार , कलेक्टर सभी को यात्रा निकालने के लिए आवेदन दिया था और उन्होंने कहा था कि प्रशासनिक नियमों का पालन कर हम इस यात्रा को संचालित करेंगे तथा इस यात्रा में प्रशासन की हर शर्त का बिंदुवार पालन किया जाएगा लेकिन जब आयोजकों को किसी प्रकार की सूचना नहीं मिली कि उन्हें संचालन की अनुमति नहीं है तो जनसमुदाय भड़क गया और उन्होंने मंदिर का ताला तोड़ा भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने कंधे पर उठाया और पूरे शहर में घुमाया |


मानेरा एक छोटा सा कस्बा है जहां की जनसंख्या लगभग 10 से 15000 है लेकिन आसपास के 50 गांव से श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं जब मैं वहां खड़ी हुई थी और अपने कैमरे से भगवान की रथयात्रा को कैद कर रही थी तो लगभग 50 से 60 हजार की जनसंख्या का समुदाय वहां पर मौजूद था |


तहसीलदार , एडीएम , प्रशासकीय अधिकारी , थाना प्रभारी , डीएसपी , सीएसपी यहां तक कि भोपाल से आए अधिकारी भी हतप्रभ खड़े हुए तमाशा देख रहे थे | मंदिर से पूरे मार्ग से निकली यात्रा भगवान जगन्नाथ की जय - जयकार करते हुए वापस मंदिर में आए और कल - कल करते हुए मंदिर में उनका प्रस्थान हुआ विधि -विधान से उनकी पूजा-अर्चना हुई उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया जब मैं यह खबर लिख रही थी तब तक किसी अप्रिय घटना का मुझे कोई समाचार नहीं मिला था वह हमारे समाज के लगभग 700 से 800 सदस्य रहते हैं उन्होंने मुझे दूरसंचार के माध्यम से बताया कि अभी तक किसी को किसी प्रकार की कोई असुविधा या कोरोना संबंधित कोई समाचार भी प्राप्त नहीं हुआ है |