प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि इस बार परंपरागत कावड़ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी | श्रावण मास 6 जुलाई से लगने वाला हैं अतः ओंकारेश्वर हरिद्वार से नर्मदा और गंगा का जल भरकर कावड़ यात्री आते हैं कुछ उज्जैन में तथा कुछ अन्य मंदिरों में वे अपने श्रद्धा के रूप से अपना कावड़ का जल चढ़ाते हैं | प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि इस बार कावड़ यात्रियों को यात्रा निकालने की इजाजत नहीं है अभी स्थिति सुधार पर है अतः प्रशासन किसी प्रकार की कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है | इधर, दिल्ली के प्रशासन का कुछ कहना है कि हम सीमित मात्रा में अनुमति देंगे लेकिन आयोजक समिति सीमित मात्रा में मानने को तैयार नहीं है |पालीवाल समाज 24 श्रेणी की यात्रा भी निकाली जाती है लेकिन इस बार पालीवाल समाज 24 श्रेणी के आयोजक भी धर्म संकट में है | कार्यकर्ताओं उन्हें कावड़ यात्रा निकालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं कि यह परंपरा टूटनी नहीं चाहिए दूसरी और कावड़ यात्री फैसला कर चुके कि हम कावड़ यात्रा निकालेंगे लेकिन प्रशासन उन्हें अनुमति नहीं दे रहा है |
श्रावण मास में नहीं दी जाएगी कावड़ यात्रा की अनुमति |